"मनाली में ब्यास नदी की ड्रेजिंग, ट्रैक्टर मालिकों को चालान से छूट"

"मनाली में ब्यास नदी की ड्रेजिंग, ट्रैक्टर मालिकों को चालान से छूट"

Beas River Dredging in Manali

Beas River Dredging in Manali

शिमला। Beas River Dredging in Manali, बरसात के मौसम में नुकसान पहुंचाने वाली नदियों की सरकार ड्रेजिंग करेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने ड्रेजिंग पालिसी तैयार की है। वन निगम को इस कार्य को सौंपा गया है। कुल्लू से पायलट आधार पर ब्यास नदी से ड्रेजिंग की शुरुआत होगी। यदि प्रयोग सफल रहा तो इसे दूसरे चरण में मनाली सहित अन्य स्थानों पर ड्रेजिंग का कार्य किया जाएगा।

सतलुज, ब्यास के अलावा अन्य नदियों और खड्डों में भी ड्रेजिंग का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान इसका एलान किया।

ट्रैक्टर मालिकों के लिए नीति लाएगी सरकार

उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार राज्य में ट्रैक्टर मालिकों को चालान से बचाने के लिए नीति लाएगी, ताकि अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए माइनिंग करने पर उनका चालान न हो। उन्होंने कहा कि कई ट्रैक्टर कृषि उपयोग के लिए पंजीकृत हैं, कई बार ट्रैक्कर मालिक इसका उपयोग छोटे-मोटे कार्यों के लिए करते हैं, तो उनका चालान कट जाता है। इनके पूरे परिवार की आजीविका इन्हीं ट्रैक्टरों पर निर्भर है।

मनाली में ब्यास नदी की प्राथमिकता से ड्रेजिंग

विधायक भुवनेश्वर गौड़ की अनुपस्थिति में विधायक चंद्रशेखर द्वारा पूछे प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रेजिंग के लिए कुल 42 स्थान चिह्नित किए गए हैं और इनमें मनाली भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार मनाली में ब्यास नदी की प्राथमिकता के आधार पर ड्रेजिंग करेगी। इसके लिए एफसीए के तहत अनुमति लेना जरूरी है। कांगड़ा जिला की चक्की खड्ड को भी ड्रेजिंग के लिए शामिल किया जाएगा। 

...तो माइनिंग पर अब नहीं होगा ट्रैक्टरों का चालान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ट्रैक्टरों को चालान के दायरे से बाहर करेगी। इसके लिए सरकार एक नीति मंत्रिमंडल में लाएगी। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत ऐसा तरीका तलाशा जाएगा, जिसमें ट्रैक्टरों को पुलिस और माइनिंग के चालान से बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माइनिंग करते पकड़े जाने पर ट्रैक्टर का 4700 रुपये का चालान काटे जाने का प्रविधान है। इस कारण ट्रैक्टर मालिकों को अत्याधिक नुकसान हो रहा है।

इसी के चलते सरकार ट्रैक्टर मालिकों को माइनिंग नियमों में छूट देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने वन विकास निगम को वन क्षेत्र में ड्रेजिंग के लिए अधिकृत किया है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केवल सिंह पठानिया और रणवीर सिंह निक्का ने भी अनुपूरक सवाल पूछे।